समर्पण की महिमा: जब अहंकार मिटता है, तो ईश्वर मिलता है
जीवन की सबसे बड़ी साधना है समर्पण। यह केवल एक शब्द नहीं, बल्कि आत्मा की वह परम अवस्था है जहाँ 'मैं' का अस्तित्व समाप्त हो जाता है और 'तू' का प्रकाश फैल जाता है। जानिए कैसे समर्पण से जीवन में शांति, आनंद और मुक्ति मिलती है।
